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छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक परिचय की सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में .

छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक परिचय की सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में, Dear Students, इस पोस्ट के माध्यम से हम आप सभी की तैयारी के लिए तथा Chhattisgarh छत्तीसगढ़ राज्य से सम्बंधित तैयारी के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी शेयर कर रहे है तथा नोट्स भी शेयर कर रहे है इक्छुक विद्यार्थी इस नोट्स को download करके पढ़े

Historical introduction of Chhattisgarh 

Chattisgarh छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक परिचय की सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में .

  • छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना 1 नवंबर 2000 मे हुई, जो कि पहले मध्यप्रदेश का हिस्सा था ।

Chhattisgarh ऐतिहासिक परिचय तात्पर्य –

  • छत्तीसगढ़ के होने के विभित्र साक्ष्य, समय एवं काल के आधार पर है :   
  • किसी भी पुरानी एवं ऐतिहासिक चीजों की जानकारी निम्रलिखित माध्यमों से हमें मिलती है जो है –
  1. को भी प्रचीन पुस्तक, गन्थ, पाण्डुलिपि, ताम्र पत्र
  2. मुद्र मृदभांड, बर्तन
  3. शिलालेख ( राजकीय )

किसी प्राचीन शिलालेख, ताम्र पत्र धार्मिक ग्रंथ में घत्तीसगढ़ नाम का कोई उल्लेख नही है। बल्कि इस भूभाग को विभित्र समयांतराल मे कई नमों से पुकारा गया या फिर विभित्र शासन काल में इस भूभाग पर कई राजवंश ने राज किया। इसी शासन के आधार पर कई नाम सामने आये –

  • दक्षिण कोसल
  • महाकोसल
  • कोसल
  • चेदीसगढ़

दक्षिण कोसल : Chhattisgarh छत्तीसगढ़ का प्रचीन नाम :

  • वाल्मीकि कृत रामायाण में उत्तर कोसल व दक्षिण कोसल का उल्लेख है।
  • सरयू नदी, राजा दशरथ की पत्नी कौशल्या, दक्षिण कोसल से थी।
  • प्रशस्ति अभिलेखों में इस स्थान का उल्लेख मिलता है।
  • रतनपुर शाखा के कलचुरी शासक जाज्वल्य देव के रतनपुर अभिलेख में ( दक्षिण कोसल ) शब्द का उल्लेख मिलता है ।

कोसल :

दुसरा नाम जो मिला है, वो कोसल  है, गुप्त काल मे इस नाम का उल्लेख मिलता है, जो की कालिदास कृत रघुवंशम मे उत्तर को उत्तर कोसल और दक्षिण को दक्षिण कोसल कहा गया है।

  • और एक अभिलेख मिलता है कवि – हरेषण की प्रयोग प्रशस्ति में ।

महाकोसल :

तीसरा नाम मिलता है महाकोसल आता है इस के संबंध में आर्कियोलोजिकल सर्वे आँफ इडिाया जो की पुरातात्विक रिपोर्ट जो अलेकजेंडर कानिघम द्वारा प्रस्तुत किया गया। जिस में महाकोसल स्थान का उलेख है।

चेदीसगढ़ :

इस नाम का उल्लेख राय बहादुर हीरा लाल ने किया जो चेदि वंशीय राजाओं का राज्य था। बाद में यह नाम बिगड़कर छत्तीसगढ़ हो गया।

छत्तीसगढ़ नाम कब प्रयोग में आया इस सम्बन्ध में प्रमाणिक जानकारी का आभाव है। फिर भी प्रचलित जनश्रुतियों व विभित्र प्रमाणों के आधार पर छत्तीसगढ़ नामकरण को सिद्ध करने का प्रयास किया गया है जो इस प्रकार है –

  1. सन् 1494 मैं खैरागाढ़ के राज्य लक्ष्मी निधि राय के कल में एक व्यक्ति था दलराम राव जिन्होने एक पंक्ति लिखी थी, उस पंक्ति में छत्तीसगढ़ का नाम उल्लेख है।

“ लक्ष्मी निधि राय सुनो चित दे गढ़ छत्तीस में न गढ़ैया रही …. “

2.सन् 1686 में “ खूब तमाशा “ से नाम का उल्लेख प्राप्त हुवा हैै जिसके कवि गोपाल मिश्र है।

“ बरन सकल पुर देव देवता नर नारी रस रस के बसय छत्तीसगढ़ कुरी सब दिन के रस वासी बस बस के “

  1. सन् 1896 में “ विक्रम विलास “ नाम के ग्रंथ में छत्तीसगढ़ का उल्लेख मिला है जिसके रचयिता रेवाराम थे।
  2. सन् 31 मार्च 1702 में पंडित भगवान मिश्र जो बस्तर के तत्कालीन राजा के राजगरू थे। उन्होने एक शिलालेख लिखा जो कि प्राप्त हुवा दंतेश्वरी मंदिर दंतेवाड़ा में।
  3. कलचुरी शासन काल में छत्तीसगढ़ शब्द का उल्लेख मिले है अगर छत्तीसगढ़ को शाब्दिक अर्थ देखे तो ये 36 गढ़ और किलो में बटा हुआ है जो कि ब्रम्ह देव का खल्लारी शिलालेख से ये साक्ष्य प्राप्त हुए।

देखते है ये कैसे बंटा हुवा था :

  • रतनपुर शाखा = 18 उत्तर मे था शिवनाथ नदी ( पानबरस पर्वत )
  • और शिवनाथ नदी के दक्षिण में  रायपुर शाखा = 18 ( दक्षिण ) में।

जो दोनो को मिलाकर 36 हुवा।

  1. मराठा आगमन – इस में छत्तीसगढ़ के सभी क्षेत्र मराठ में सम्मलित हो गये।
  2. उसके बाद अंग्रेजो का अधिग्रहण हुवा ( 1854 में ) फिर छत्तीसगढ़ का जो भू – भाग था वो अंग्रेजो के अधिन आ गया।
  3. फिर 1861 में मध्य प्रान्त बना अर्थात मध्यपदेश बना जिसमें छत्तीसगढ़ को एक संभाग के रूप में घोषित किया गया।

Chhattisgarh छत्तीसगढ़ राज्य के बनने की शुरुआत व कल क्रमः

  • भारत के स्वतंत्र होने के बाद भी छत्तीसगढ़ मध्यप्रांत एवंम बरार का हिस्सा था।
  • 1 नवम्बर 1956 को मध्यपदेश बना।
  • 1905 में छत्तीसगढ़ का मानचित्र बना
  • छत्तीसगढ़ के होने की कल्पना सबसे पहले पंडित सुन्दरलाल शर्मा ने की थी और इसें 1918 में परिभाषित किया गया।
  • 1924 में पहली बार छत्तीसगढ़ बनाने का प्रस्ताव रायपुर जिला परिषद् में लाया गया।
  • 1939 में कांग्रेस के त्रिपुरी अधिवेशन में पृथक छत्तीसगढ की मांग सखी गयी
  • 1955 में रायपुर के विधायक ठाकुर रामकृष्ण ने मध्यपदेश विधान सभा में अनोपचारिक प्रस्ताव रखा
  • 1956 मै बैरिस्टार घेदी लाल एवंम खूबचंद बघेल ने “ छत्तीसगढ़ महासभा “ का गठन किया
  • 1967 में खूबचंद बघेल न “ छत्तीसगढ़ भ्रातृत्व संघ “ का गठन किया
  • 1979 में शंकर गुहा नियोगी में छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा की स्थापना की ( तेजी आई )
  • 1993 में रविन्द्र चोबे ने शासकीय प्रस्ताव रखा
  • 1998 में सहमती बनी
  • 2000 में चुनावी एजेण्डा

Chhattisgarh छत्तीसगढ़ को बनाने की प्रक्रिया शरू

  • 25 जुलाई 2000 को मध्यमदेश राज्य पुनर्गठन विधेयक लोकसभा में प्रस्तुत किया गया
  • 31 जुलाई 2000 को लोकसभा से पारित हो गया।
  • 03 अगस्त 2000 को राज्यसभा में प्रस्तुत
  • 09 अगस्त 2000 को राज्यसभा से पारित हो गया।
  • 28 अगस्त 2000 को राष्ट्रपति के अर नारायण द्वारा अनुमति मिल गई ।
  • 01 नवंम्बर 2000 को छत्तीसगढ़ देश का 26 वां राज्य बन गया।

अभ्यास प्रश्न के उतर कमेंट में दे – 

  1. छत्तीसगढ़ के कोई भी तीन पुराने नामों को बताये ?
  2. कवि हरेषण की कोई भी एक कृति का नाम बताएं ?
  3. छत्तीसगढ़ के भूभागों का उल्लेख प्राचीन काल में किन किन साहित्यों मे मिलता है ?
  4. राय बहादुर हीरा लाल ने किस नाम का उल्लेख छत्तीसगढ़ के लिए किया ?
  5. 36 गढ़ों का उल्लेख कहाँ मिला है ?
  6. छत्तीसगढ़ के भूभाग पर अंगेज का अधिग्रहण कब हुआ ?
  7. आर्मियोलोजिकल सर्वे आँफ इंडिया रिपोर्ट किसने तैयार किया ?
  8. छत्तीसगढ़ का मानचित्र कब बना ?
  9. छत्तीसगढ़ के होने की कल्पना सबसे पहले किसने की ?
  10. खूब तमाशा व विक्रम विलास किसकी रचना है
  11. छत्तीसगढ़ भ्रातृत्व संघ की स्थापना किसने की ?
  12. शंकर गुहा नियोगी किस मुक्ति मोर्च की स्थापना की ?
  13. किस विधेयक से छत्तीसगढ़, मध्यपदेश से अलग हुआ ?

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